आज का विषय पेट्रोल के भाव में हुआ बड़ा बदलाव नई कीमत जानकर दंग रह जाएंगे है। आजकल पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ती ही जा रही है। जिसका भार आम जनता को सहना पड़ रहा है। अब पेट्रोल ढाई रुपए महंगा हो चुका है। लगातार 11 दिनों से दाम में इजाफा हो रहा है। पेट्रोल पर बढ़ती कीमतों की वजह से विपक्षी पार्टियां जैसे कांग्रेस और अन्य पार्टी भारतीय जनता पार्टी पर ताने मार रही है। पिछले 11 दिनों से पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी हो रही है.और गरीब जनता बेहाल हो रही है।
लेकिन अब पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा बदलाव हुआ है। जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल आज ही पेट्रोल में 0.30 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। और डीजल में भी 19 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। जिसे देखकर लोग हैरान हैं। दोस्तों अगर आपको जानकारी पसंद आई तो खबर को लाइक कीजिए। और ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी के लिए चैनल फॉलो कर लीजिए।
एक्साइज ड्यूटी में कटौती की मांग से लेकर टैक्स हटाने तक मांग हो रही है। वहीं, कुछ लोग इसे GST के तहत लाकर दाम करने की दुहाई दे रहे हैं। यहां तक की पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी सरकार को नसीहत दे डाली है कि वह कैसे पेट्रोल के दाम कम कर सकती है। आम जनता की जेब लगातार बढ़ते बोझ को लेकर केंद्र में मोदी सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है। ऐसे में विपक्ष भी पीएम मोदी से इसका जवाब मांग रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो पीएम को चुनौती दे दी है। लेकिन, अब सरकार ने इसका तोड़ ढूंढ लिया है।
दरअसल, कल कैबिनेट बैठक के बाद ही मोदी सरकार के मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कह दिया था कि पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम का लॉन्ग टर्म सॉल्यून यानी दीर्घकालिक उपाय तलाश कर रही है। ऐसे में अब पीएम मोदी ने खुद इसका तोड़ निकाल लिया है। तेल कंपनियों के मनमाने रवैया पर अब सरकार चाबुक चलाने की तैयारी कर रही है। दरअसल, सरकार तेल उत्पादक कंपनी ओएनजीसी पर विंडफॉल टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। इससे पेट्रोल-डीजल के दाम में तुरंत दो रुपए तक की कटौती संभव है।
Petrol news
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी, जिसके बाद सरकार की तरफ से कहा गया कि वह इसके लॉन्ग टर्म सॉलुशंस पर काम कर रही है। इस बैठक से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारतीय तेल उत्पादक कंपनियों के लिए कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल तक सीमित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि अगर यह योजना अमल में लाई जाती है तो भारतीय ऑयल फील्ड से तेल निकाल कर उसे अंतरराष्ट्रीय दरों पर बेचने वाली तेल उत्पादक कंपनियां अगर 70 डॉलर प्रति बैरेल की दर से ज्यादा पर पेट्रोल बेचती हैं, तो उन्हें आमदनी का कुछ हिस्सा सरकार को देना होगा।
विंडफॉल टैक्स एक तरह, मोदी सरकार विंडफॉल टैक्स को तेल कीमतों में तेजी को काबू में रखने के एक स्थायी समाधान के विकल्प के रूप में देख रही है। सरकार की तरफ से यह टैक्स सेस के रूप में लगाया जा सकता है और तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाने पर यह देना होगा। टैक्स और एक्साइज ड्यूटी में कटौती के अलावा, सरकार राज्यों से भी वैट और सेल्स टैक्स में कटौती करने को लेकर कह सकती है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को इन कदमों से तत्काल थोड़ी राहत मिलने का अनुमान है। सरकारी और निजी दोनों तरह की पेट्रोल उत्पादक कंपनियों को सेस लगाने की सोच रही है। कुल मिलाकर ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सबको मिलाकर पेट्रोल की कीमतों में 5-7 रुपए की कटौती हो सकती है। हालांकि, यह एक अनुमान है, अभी सरकार की तरफ से ऐसा कोई कटौती निर्धारित नहीं की गई है।
लेकिन अब पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ा बदलाव हुआ है। जिसे जानकर आप दंग रह जाएंगे। दरअसल आज ही पेट्रोल में 0.30 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। और डीजल में भी 19 पैसे की बढ़ोतरी हुई है। जिसे देखकर लोग हैरान हैं। दोस्तों अगर आपको जानकारी पसंद आई तो खबर को लाइक कीजिए। और ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी के लिए चैनल फॉलो कर लीजिए।
एक्साइज ड्यूटी में कटौती की मांग से लेकर टैक्स हटाने तक मांग हो रही है। वहीं, कुछ लोग इसे GST के तहत लाकर दाम करने की दुहाई दे रहे हैं। यहां तक की पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी सरकार को नसीहत दे डाली है कि वह कैसे पेट्रोल के दाम कम कर सकती है। आम जनता की जेब लगातार बढ़ते बोझ को लेकर केंद्र में मोदी सरकार की चौतरफा आलोचना हो रही है। ऐसे में विपक्ष भी पीएम मोदी से इसका जवाब मांग रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो पीएम को चुनौती दे दी है। लेकिन, अब सरकार ने इसका तोड़ ढूंढ लिया है।
दरअसल, कल कैबिनेट बैठक के बाद ही मोदी सरकार के मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कह दिया था कि पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दाम का लॉन्ग टर्म सॉल्यून यानी दीर्घकालिक उपाय तलाश कर रही है। ऐसे में अब पीएम मोदी ने खुद इसका तोड़ निकाल लिया है। तेल कंपनियों के मनमाने रवैया पर अब सरकार चाबुक चलाने की तैयारी कर रही है। दरअसल, सरकार तेल उत्पादक कंपनी ओएनजीसी पर विंडफॉल टैक्स लगाने की तैयारी कर रही है। इससे पेट्रोल-डीजल के दाम में तुरंत दो रुपए तक की कटौती संभव है।
Petrol news
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी, जिसके बाद सरकार की तरफ से कहा गया कि वह इसके लॉन्ग टर्म सॉलुशंस पर काम कर रही है। इस बैठक से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारतीय तेल उत्पादक कंपनियों के लिए कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल तक सीमित की जा सकती है। उन्होंने बताया कि अगर यह योजना अमल में लाई जाती है तो भारतीय ऑयल फील्ड से तेल निकाल कर उसे अंतरराष्ट्रीय दरों पर बेचने वाली तेल उत्पादक कंपनियां अगर 70 डॉलर प्रति बैरेल की दर से ज्यादा पर पेट्रोल बेचती हैं, तो उन्हें आमदनी का कुछ हिस्सा सरकार को देना होगा।
विंडफॉल टैक्स एक तरह, मोदी सरकार विंडफॉल टैक्स को तेल कीमतों में तेजी को काबू में रखने के एक स्थायी समाधान के विकल्प के रूप में देख रही है। सरकार की तरफ से यह टैक्स सेस के रूप में लगाया जा सकता है और तेल की कीमतें 70 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर जाने पर यह देना होगा। टैक्स और एक्साइज ड्यूटी में कटौती के अलावा, सरकार राज्यों से भी वैट और सेल्स टैक्स में कटौती करने को लेकर कह सकती है। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों को इन कदमों से तत्काल थोड़ी राहत मिलने का अनुमान है। सरकारी और निजी दोनों तरह की पेट्रोल उत्पादक कंपनियों को सेस लगाने की सोच रही है। कुल मिलाकर ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि इन सबको मिलाकर पेट्रोल की कीमतों में 5-7 रुपए की कटौती हो सकती है। हालांकि, यह एक अनुमान है, अभी सरकार की तरफ से ऐसा कोई कटौती निर्धारित नहीं की गई है।
Comments
Post a Comment